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Antarvasna | Sex Stories

Antarvasna | Sex Stories
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सभी पाठकगण को मेरी तरफ से नमस्कार। मैं राहुल आज आपके सामने मेरे जीवन की एक सच्ची कहानी लेकर आया हूं। कहानी शुरू करने से पहले मैं आपको अपने बारे में बता देता हूं।

मेरा नाम राहुल है, उम्र २५ साल और कद ५’१० फीट है। आज मैं आपके सामने मेरी और मेरी एक पडोसन की कहानी रखने जा रहा हूं।

इस कहानी में पढिए किस तरह से मेरी पडोसन ने अपने घर बुलाकर मुझसे अपनी चुत चुदवाई। मेरे घर में मैं, और मेरे माता-पिता रहते है।

घर का इकलौता बेटा होने की वजह से बचपन से ही सबने मुझे बडे ही लाड-प्यार से बडा किया था। यह कहानी पिछले की है, जब मैं दस दिन के लिए मेरे घर में अकेला था।

दो साल पहले हमारे घर के पडोस में एक शादीशुदा जोडा रहने आया था। उस आदमी का नाम निरंजन था और उसकी पत्नी का नाम अंतरा था।

दोनों ही अच्छे स्वभाव के थे, तो वो बहुत जल्द ही मेरे घरवालों से घुलमिल गए। कुछ ही दिनों में, अंतरा भाभी की और मेरी मां की अच्छी दोस्ती हो गई।

निरंजन को मैं भैया बुलाता था, और उसकी पत्नी अंतरा को भाभी कहकर पुकारता था। भैया काम पर निकलने के बाद, अंतरा मेरी मां से बात करने के लिए रोज ही आने लगी।

शुरू से ही मुझे उसकी नजर में कुछ अजीब सा लगने लगा था, लेकिन मैंने उस पर ज्यादा ध्यान नही दिया। अंतरा भाभी हमारे घर आती, तो वो हमेशा कोई बहाने से मेरे कमरे में झांकने का प्रयास करती रहती।

एक दिन भाभी का गैस सिलिंडर खत्म हो गया था, तो उन्होंने मां से कहकर मुझे गैस सिलिंडर भराकर लाने के लिए कह दिया। मैं पहले उनके घर गया, और भाभी से खाली गैस सिलिंडर और उनका सिलिंडर का खाता मांगा।

भाभी ने मुझे बिठाया और पानी देते समय अपना पल्लू नीचे गिराया। मैंने उस समय अपनी नजर हटा ली, तो भाभी ने पल्लू संभाल लिया।

फिर मैं उनके पास से सिलिंडर लेकर गया और गैस एजेंसी जाकर दूसरा सिलिंडर लाकर दे दिया। उसके बाद भी वो मुझ पर डोरे डालने की कोशिश करती रहती। वैसे दिखने में वो भाभी किसी माल से कम नही थी।

लेकिन मोहल्ले में बेइज्जती से डरकर मैं कुछ गलत कदम नही उठा रहा था। अंतरा भाभी की शादी को दो साल हो चुके थे, और उनका अब तक कोई बच्चा नही था।

वो मुझ पर अपने डोरे डाल रही थी, इसलिए मुझे लगने लगा कि, भैया इसे खुश नही रखते होंगे। तो अब मैं सीधे कहानी पर आता हूं। पिछले साल मेरे घरवाले हमारे दूर के रिश्तेदार के यहां शादी में गए हुए थे।

मुझे अपने काम से छुट्टी नही मिल पाई, इसलिए मैं जा नही सका। अब मैं कुछ दिन घर पर अकेला रहने वाला था।

लेकिन मेरी मां ने जाने से पहले ही अंतरा भाभी को बोला था कि, वो मेरे लिए रोज रात का खाना बना दिया करे। तो मैं जैसे ही घर आता, भाभी मेरे घर आकर मेरे लिए खाना बनाती।

पहले दिन तो सब कुछ ठीक रहा। दूसरे दिन मैं अपने काम से थोडा जल्दी घर आ गया। मुझे घर आया देखकर भाभी भी मेरे घर आ गई, और मुझे खाने में क्या बनाना है पूछने लगी।

अभी भैया को कम से लौटने में काफी समय बचा हुआ था। मैंने बोला, “कुछ भी बना दो भाभी, चलेगा।”

आज भाभी पूरी तरह माल बनकर आई थी, उन्होंने अपनी साडी बहुत नीचे बांधी थी। जिया वजह से मैं उनकी नाभि आसानी से देख सकूं। भाभी ने अचानक मुझसे कहा, “तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड है क्या?”

मैंने कहा, “नही है।”

तो भाभी कहने लगी, “तो फिर तुम अपना काम कैसे चला लेते हो?”

मेरा मन तो कर रहा था कि, मैं उसे वहीं उठाकर पटक दूं और चोदना शुरू कर दूं। लेकिन मैंने अपने आप को रोकते हुए कहा, “बस भाभी जी चला लेते हैं। आप तो समझदार हो ही।”

इतना बोलकर मैं शांत हो गया। शायद आज भाभी पूरा मन बनाकर ही आई थी, तो वो कहने लगी, “तुम कहो तो मैं तुम्हारी कुछ सहायता कर दूं?”

यह तो खुलेआम मुझे चुदाई के लिए बुला रही है। तो मैंने कहा, “आप क्या कर सकती हो भाभी जी इसमें मेरी सहायता?”

तो भाभी जी किचन की तरफ जाते हुए बोली, “मैं अकेली समझदार होकर क्या फायदा, अब तुम खुद भी समझदार बनो। तभी काम हो पाएगा ना।”

इतना कहकर भाभी खाना बनाने में लग गई। अब मुझे समझ नही आ रहा था कि, मैं क्या करूं? आखिर में चुदास मुझ पर हावी हो गई, और मैंने अपने घर का दरवाजा अंदर से बंद करते हुए किचन की तरफ निकल पडा।

किचन में जाकर मैंने पीछे से भाभी को पकड लिया और अपने हाथ आगे ले जाकर उनकी चुचियों पर रख दिए। भाभी ने कुछ नही कहा, तो मेरी हिम्मत और बढ गई। फिर मैंने अपना लण्ड उनकी गांड की दरार में रगडना शुरू कर दिया।

तो भाभी ने कहा, “अभी के लिए इतना काफी है, अगर और मजे चाहिए तो मेरे घर आकर ले लेना। आज भैया बाहर गए हुए है।”

इतना कहकर वो अपने घर निकलने लगी। उसके जाने के बाद थोडी ही देर में मैं भी उसके घर चला गया। भाभी ने दरवाजा खुला ही रखा था, तो मैंने अंदर जाकर कुंडी लगा दी।

भाभी उनके बेडरूम में बिस्तर पर पूरी तरह से नंगी होकर लेटी हुई थी। भाभी को इस हालत में देखकर मेरा लण्ड और भी मचलने लगा था।

मुझे देखकर भाभी ने कहा, “बिस्तर पर आने से पहले अपने सारे कपडे उतार दो।”

भाभी के कहे अनुसार मैंने अपने सारे कपडे उतार दिए और फिर भाभी के पास जाकर उनको चूमने लगा। अब मैं भाभी के ऊपर था और उनके होठों को अपने होठों में लेकर चूस रहा था।

मेरे दोनों हाथ भाभी के उरोजों को मसल रहे थे। भाभी के उरोज मसलते हुए मैं उनके निप्पल को भी नोच देता, तो भाभी के मुंह से आह निकल जाती।

मुझसे अब रहा नही जा रहा था, तो मैंने भाभी के पैर फैलाकर अपना लण्ड उनकी चुत पर रख दिया। लण्ड चुत पर रखते ही भाभी ने नीचे से अपनी कमर उठाकर पूरा लण्ड अंदर ले लिया।

भाभी बिना रुके नीचे से अपनी कमर उठाते हुए मेरे लण्ड को चुत में अंदर बाहर होने दे रही थी। तो मैंने भाभी को ऊपर आने के लिए कहा, और खुद नीचे लेट गया।

भाभी तुरंत पलटकर मेरे ऊपर चढ गई, और अब मेरे लण्ड पर कूदते हुए अपनी चुत चुदवाने लगी। मैंने अपने हाथ भाभी के स्तनों पर रखकर उन्हें मसलना जारी रखा।

बीच बीच में भाभी मुझ पर झुक जाती, तो मैं उसके स्तनों को अपने मुंह में भर लेता और जमकर चुसाई करता। थोडी ही देर में भाभी झड गई, और मेरे ऊपर ही ढेर हो गई।

मेरा लण्ड अभी भी खडा था, तो मैंने भाभी को नीचे लेटाकर फिर से उनकी चुत चुदाई करने लगा। अब भाभी मेरे छाती पर हाथ फेरते हुए नीचे लेटकर मजे लेने लगी।

मैंने भी ताबडतोड चुदाई करते हुए अपना वीर्य भाभी की चुत में ही निकाल दिया। जैसे ही भाभी को पता चला कि, मेरा वीर्य निकल गया।

भाभी ने मुझसे कहा, “अगली बार से कभी भी अपना वीर्य मेरी चुत में मत गिराना।”

यह बात सुनकर मैं चौंक गया, मैंने भाभी से पूछा, “आपको बच्चा नही चाहिए क्या?”

तो भाभी बोली, “अभी मेरी उम्र ही क्या है? और कुछ साल अपनी जवानी के मजे लूट लुंगी; उसके बाद फिर बच्चा पैदा करूंगी।”

उसकी बात सुनकर मैं वहां से उठा और अपने कपडे पहनने लगा। भाभी ने मुझसे कहा, “कहां जा रहे हो, एक राउंड में ही दम निकल गया क्या?”

तो मैंने कहा, “दम तो बहुत है, थोडा रुक जा रात में तेरा दम तोडकर ही रहूंगा।”

मैं अपने कपडे पहनकर वहां से निकल आया। दोस्तों आपको मेरी यह आपबीती कैसी लगी, यह हमें कमेंट करके जरूर बताइए। धन्यवाद।

Antarvasna, hindi sex story: I went to her friend’s house to meet her friend’s name is Rajat. When I reached Rajat’s house, he was not at home at that time. I called him, then he started telling me that Rohan I am coming home after a while, I came to my maternal uncle’s house for some urgent work. I told him okay I am waiting for you. Antarvasna I was sitting at Rajat’s house, his mother asked me if Rohan’s son should make tea for you, then I said no let it be aunt but he made tea for me. I was drinking tea that after a while Rajat also came. When Rajat came, he started telling me that Rohan had gone to Mama ji’s house for some urgent work. I told him no problem. Rajat and I were about to go to a friend’s party that day, I went to talk to him for the same.

Antarvasna

In the evening when both of us went to our friend’s party together, there was a lot of crowd there. He had arranged the party in a hotel, while I found a girl named Kajal. When I met Kajal for the first time I was very happy to meet her and Kajal was also very happy because she was very impressed with our talk and she was very happy with me. Kajal is studying in her college and my college was completed only last year. After the party that day, as soon as the conversation of both of us started and we both started meeting each other every day, our conversations started happening on the phone. Whenever I met Kajal, I used to feel very happy that Kajal and I were meeting every day, but in the meantime, one day Kajal told me that she is going to Kolkata near her sister after finishing her studies.

I was so upset that I thought how I would be able to live without kajal. Although there was no such relationship between me and Kajal till now but I soon wanted to tell my heart to Kajal and then one day I told Kajal about my heart. When I proposed Kajal, she became very happy and started telling me that I am very happy that you proposed to me, I used to think that you will never say anything to me. Antarvasna Kajal was already in love with me but she too had never told me about this and neither of us had ever talked about it. Now Kajal had gone to Kolkata to be near her sister, I was missing Kajal a lot. Kajal and I used to talk on the phone every day, I too had started taking care of him along with my father, I was putting his hand in Papa’s business, so I had less time for Kajal. Whenever Kajal used to call me, I used to tell her that Kajal, I will call you after a while, now the distance between the two of us had started to arise. I also started to feel that the distance between me and Kajal was being created, so I wanted to surprise Kajal. I was thinking that I should go to Kolkata to meet Kajal, finally I decided to meet Kajal and I went to Kolkata to meet Kajal. When I went to Kolkata to meet Kajal, I did not tell him anything about it so it was a surprise for Kajal. When I met Kajal she became happy and started saying that Rohan I had no hope that you would come to meet me. Kajal was working in a company while staying in Kolkata, I told Kajal that I wanted to see how happy Kajal was to meet you. Kajal started telling me that maybe I can’t tell you how much happier I am to meet you and I would think of meeting you everyday but you know that now I live near Didi, so it is difficult for me to come to Delhi Was only

I and Kajal wanted to spend a good time with each other and for the number of days I stayed in Kolkata, I used to meet Kajal everyday. Kajal was very happy because I and Kajal who used to love each other, now the same love had started between us again as before. Antarvasna I wanted that I would come often to meet Kajal. I used to keep going to Kolkata to meet Kajal, but it was a long time when I could not meet Kajal. Now we were going to have a relationship of about three years. In these three years, there were many fights between Kajal and me, but each time I tried to handle my relationship. Antarvasna Kajal also loves me very much, both of us are very happy with each other. I and Kajal had now decided to get married, soon we were going to get married. I told my family about Kajal. They also had no objection with Kajal. When Kajal told her family about this, those people also agreed to marry both of us. Dad wanted us to marry both of them. He should be pompous, he did not let any lack in our marriage. They had handled the entire settlement themselves, now both of us were married, both of us had become husband and wife. I had never touched Kajal before today. This was the first time when I and Kajal were in the same room.

It was completely new for both of us. When we were sitting together, I grabbed Kajal’s hands and I was rubbing her hands, the heat inside her started coming out and I started to feel that she was suffering. Has started She wanted me to take her in my arms. When I took Kajal in my arms, she was starting to heat up completely. Antarvasna The heat inside her was increasing. I could not stay at all. I started kissing her soft lips. When I was kissing her lips she started to squirm, now she was lying on the bed. I was lying on top of her. I put the mascara clothes slowly. Started taking off her body, I started taking off all clothes. Now she was in naked position in front of me, seeing her naked body, my cock was erect and it was the first time I saw her naked, I wanted to feel her white body now. I started pressing her breasts. I started feeling very good, she was very happy. When I would press her breasts and suck them in my mouth, she would get very excited and tell me, I am enjoying it very much, the fire inside her had increased a lot and the fire inside me is somewhere now Had grown completely. When I pulled my cock out, Kajal started taking it in her mouth, I was enjoying the way she was sucking my thick cock in her mouth and she became very happy.

He told me that I am enjoying taking your cock in my mouth, now both of us were completely excited, both of us were excited so much that I told him I want to lick your pussy too. Opened his legs. When I saw that water was coming out of her pussy, I was licking her pussy very well, I started feeling very good. When I was licking her pussy, the fire inside me was increasing. Now put oil. After applying oil, as soon as I penetrated my cock inside her pussy, I was completely agitated and the fire inside me started growing too much, I told her I want to kill your pussy. I put my cock on her pussy, as soon as my cock was on her pussy, I started having fun, I started banging her with great speed.

I was starting to have a lot of fun and she was very excited, the fire inside me was already over, but the fire inside her had started growing too much, the blood atom started coming out of her pussy and she was increasing the heat inside Was engaged The heat that was being generated by the rubbing of my cock and her pussy was creating a different atmosphere so that both of us were suffering a lot for each other. I told her that my cock will not be able to withstand the heat of your pussy anymore. She had decided to drop her semen in her pussy. As soon as I hit my semen at the bottom of her pussy, she became happy, both of us lay on each other like this, even after that, I enjoyed sex with Kajal overnight and made my night beautiful.

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